Tuesday, November 17, 2009

कोरोना

छल मनुक्ख आतुर लड़बा लेल प्रकृति संग कोनहु रन  मे
सबटा काबिलती केर दाबी ध्वस्त भेलहि एक्कहि छन मे

सगर विश्व में पसरि गेल छल रोग आसुरी देखल केहन 
अपनहि शहर बजार लगै छल जेना कोनो हो निर्जन बन
कोरोना केर भय सं दुनिया सुटकि गेल छल आँगन मे
सबटा काबिलती केर दाबी....

लोक डाउन में होइत छल जे चिड़ै चुनमुनी रहितहुँ हम
पाँखि अपन पूरा पसारि आकाश भ्रमण कS सकितहुँ हम
कतेक कष्ट पिजड़ा में चिड़ै कें होइत हेतै सोचू मन मे
सबटा काबिलती केर दाबी......

हमरा लागल कोरोना केर बाद आँखि फुजतै लोकक
युद्ध, घृणा, हिंसा, विलासिता दिस कम मन जेतै लोकक  
मुदा जानी नहि की की देखबा, लेल बचल अछि जीवन मे
सबटा काबिलती केर दाबी....

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